याद_क्या_रखता

भुला_दिया

Posted by Pushkar_Prashar(Sahil)

Join us on Telegram:Click Here

मैं भी याद क्या रखता जो सब कुछ भुला दिया सब ने ,
जो मौसम याद के बदले तेरी महफ़िल के थे सपने ,
ऐलान -ऐ - इश्क़ मैं आज भरी महफ़िल में करता हूँ,
मैं वो राही हूँ जिसको बर्बाद किया था यार ने अपने